अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर।
- शैलेन्द्र
कौन कहता है आसमां में सुराख़ नहीं हो सकता ,
एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों।
- दुष्यंत कुमार
रात तो वक़्त की पाबंद है ढल जायेगी
देखना ये है चरागों का सफ़र कितना है।
- वसीम बरेलवी
“If everything around seems dark, look again, you may be the light” -Rumi.
आता है याद मुझ को गुज़रा हुआ ज़माना।
वो बाग़ की बहारें वो सबका चहचहाना।
आज़ादियाँ कहाँ वो अब अपने घोंसले की
अपनी ख़ुशी से आना अपनी ख़ुशी से जाना।
- इक़बाल
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