Monday, October 11, 2021

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तू ज़िंदा है तो ज़िन्दगी की जीत पर यकीन कर। 
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर। 
 - शैलेन्द्र 

कौन कहता है आसमां में सुराख़ नहीं हो सकता ,
एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों। 
 - दुष्यंत कुमार 

रात तो वक़्त की पाबंद है ढल जायेगी 
देखना ये है चरागों का सफ़र  कितना है। 
- वसीम बरेलवी 

“If everything around seems dark, look again, you may be the light” -Rumi.

आता है याद मुझ को गुज़रा हुआ ज़माना। 
वो बाग़ की बहारें वो सबका चहचहाना। 
आज़ादियाँ कहाँ वो अब अपने घोंसले की 
अपनी ख़ुशी से आना अपनी ख़ुशी से जाना। 
- इक़बाल 

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तू ज़िंदा है तो ज़िन्दगी की जीत पर यकीन कर।  अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर।   - शैलेन्द्र  कौन कहता है आसमां में सुराख़ नहीं हो सकता , ...